20 August, 2009

अंधेरे में ( एक अंश)

एकाएक वह व्यक्ति
आँखों के सामने
गलियों में, सड़कों पर, लोगों की भीड़ में
चला जा रहा है।
वही जन जिसे मैंने देखा था गुहा में।
धड़कता है दिल
कि पुकारने को खुलता है मुँह
कि अकस्मात्--
वह दिखा, वह दिखा
वह फिर खो गया किसी जन यूथ में...
उठी हुई बाँह यह उठी रह गयी !!

अनखोजी निज-समृद्धि का वह परम उत्कर्ष,
परम अभिव्यक्ति
मैं उसका शिष्य हूँ
वह मेरी गुरू है,
गुरू है !!
वह मेरे पास कभी बैठा ही नहीं था,
वह मेरे पास कभी आया ही नहीं था,
तिलस्मी खोह में देखा था एक बार,
आख़िरी बार ही।
पर, वह जगत् की गलियों में घूमता है प्रतिपल
वह फटेहाल रूप।
तडित्तरंगीय वही गतिमयता,
अत्यन्त उद्विग्न ज्ञान-तनाव वह
सकर्मक प्रेम की वह अतिशयता
वही फटेहाल रूप !!
परम अभिव्यक्ति
लगातार घूमती है जग में
पता नहीं जाने कहाँ, जाने कहाँ
वह है।
इसीलिए मैं हर गली में
और हर सड़क पर
झाँक-झाँक देखता हूँ हर एक चेहरा,
प्रत्येक गतिविधि
प्रत्येक चरित्र,
व हर एक आत्मा का इतिहास,
हर एक देश व राजनैतिक परिस्थिति
प्रत्येक मानवीय स्वानुभूत आदर्श
विवेक-प्रक्रिया, क्रियागत परिणति !!
खोजता हूँ पठार...पहाड़...समुन्दर
जहाँ मिल सके मुझे
मेरी वह खोयी हुई
परम अभिव्यक्ति अनिवार
आत्म-सम्भवा।

4 टिप्पणियाँ:

Anil Pusadkar said...

मुक्तिबोध जी के सुपुत्र दिवाकर मुक्तिबोध के साथ मैने सालो काम किया है।उनसे मै काफ़ी लडता-झगडता रहा।वे मेरे गुरू रहे है मैने उनसे भी ब्लाग लिखने के लिये आग्रह किया है।अगर वे मुक्तिबोध जी पर लिखते है तो ये अच्छी बात होगी।मुक्तिबोध जी का पूरा छत्तीसगढ ॠणी है क्योंकी उन्होने ही छत्तीसगढ को सही मायने मे अन्तर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई है।

Mithilesh dubey said...

शानदार रचना के लिए बधाई।

क्रिएटिव मंच said...

badhiya post
saarthak aur sashakt lekhan
badhaayi


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C.M. को प्रतीक्षा है - चैम्पियन की

प्रत्येक बुधवार
सुबह 9.00 बजे C.M. Quiz
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क्रियेटिव मंच

Harkirat Haqeer said...

पर, वह जगत् की गलियों में घूमता है प्रतिपल
वह फटेहाल रूप।
तडित्तरंगीय वही गतिमयता,
अत्यन्त उद्विग्न ज्ञान-तनाव वह
सकर्मक प्रेम की वह अतिशयता
वही फटेहाल रूप !!
परम अभिव्यक्ति
लगातार घूमती है जग में
पता नहीं जाने कहाँ, जाने कहाँ

वाह .....बहुत सुंदर......!!

मुक्तिबोध जी को जब भी मैंने पढा कहीं भीतर तक हिला गयी उनकी रचनायें ....इस महान हस्ती को मेरा नमन ......!!

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